करियर गाइडेंस
सिर्फ 2 हजार रुपये में शादी करने वाली UPSC जोड़ी, जानिए कैसे क्रैक किया UPSC एग्जाम?
IAS युवराज मरमट और IPS पी. मोनिका की शादी केवल 2000 रुपये में कोर्ट मैरिज के रूप में हुई, जिसने अपनी सादगी और प्रेरक कहानी के चलते सुर्खियों में जगह बनाई।
कौन हैं IAS युवराज मरमट और IPS पी. मोनिका?
- युवराज मरमट राजस्थान के गंगानगर के रहने वाले हैं और उन्होंने BHU से सिविल इंजीनियरिंग (B.Tech) किया है। UPSC क्रैक करने से पहले उन्होंने IES (इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस) भी क्रैक की थी और IOC में काम किया था। युवराज ने अपने छठे प्रयास (2021) में UPSC क्रैक किया और ऑल इंडिया रैंक 458 हासिल की।
- पी. मोनिका तेलंगाना की रहने वाली हैं। मेडिकल फील्ड (फार्माकोलॉजी) से ग्रेजुएट हैं तथा खेल और संगीत में रुचि रखती हैं। उन्होंने UPSC 2021 में ऑल इंडिया रैंक 637 प्राप्त कर आईपीएस बन गईं।
उनकी लव स्टोरी और शादी
- इन दोनों की पहली मुलाकात UPSC ट्रेनिंग के दौरान मसूरी के LBSNAA (Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration) में हुई थी।
- दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदली और इन्होंने 2023 में शादी करने का फैसला किया।
- दोनों ने बेहद सादगी से कोर्ट मैरिज की — सिर्फ फूल मालाएँ, मिठाई और कोर्ट फीस मिलाकर कुल खर्च 2000 रुपये आया।
- न तो कोई बड़ा समारोह हुआ, न बैंड-बाजा, सिर्फ परिवार और कुछ करीबी मौजूद थे।
UPSC कैसे क्रैक किया?
- युवराज ने छठे प्रयास में सफल होकर AIR 458 पाया। उन्होंने लगातार तैयारी जारी रखी, IES परीक्षा भी पास की और अनुभव के लिए IOC में भी काम किया।
- मोनिका ने मेडिकल बैकग्राउंड के बावजूद UPSC के लिए पूरी तरह डेडिकेशन दिखाया और AIR 637 के साथ सफल हुईं।
- दोनों की प्रेरणा: कड़ी मेहनत, धैर्य, समय-प्रबंधन और सेल्फ-डिसिप्लिन इनकी सफलता की कुंजी रही।
प्रेरणा और संदेश
- इनकी कहानी साबित करती है कि शादी या सफलता दिखावे से नहीं, सादगी और दृढ़ निश्चय से भी मनाई जा सकती है।
- नई पीढ़ी के युवा जोड़े के लिए यह उदाहरण है कि शादी सिर्फ एक बंधन है, बड़े खर्च या ताम-झाम की आवश्यकता नहीं है।
यह IAS-IPS जोड़ी एक शानदार मिसाल है — उनके UPSC सफर ने यह दर्शा दिया कि लगन, श्रम और सादगी से हर मंजिल पाई जा सकती है।
एडमिशन
मेडिकल एजुकेशन में बड़ा बदलाव, बंद होंगे PG डिप्लोमा कोर्स!
भारत में मेडिकल की पढ़ाई को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब देश के मेडिकल कॉलेजों में चलने वाले पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की क्वालिटी को सुधारना और डॉक्टरों की विशेषज्ञता का स्तर ऊंचा करना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
1. क्वालिटी में सुधार- पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अनुसार, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पढ़ाई के मानकों को बेहतर बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
2. संसाधनों का सही इस्तेमाल- कई मेडिकल कॉलेजों के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन मौजूद हैं, फिर भी वे सिर्फ डिप्लोमा कोर्स करवा रहे हैं। अब इन संसाधनों का उपयोग डिग्री कोर्सेस के लिए किया जाएगा।
3. सीटों का फायदा- एक ही स्पेशलिटी में डिप्लोमा और MD/MS दोनों कोर्स चलने की परेशानी खत्म होगी, जिससे PG सीटों की क्षमता का पूरा लाभ मिलेगा।
MD और MS डिग्री में बदलेंगे सभी कोर्स
NMC ने साफ कहा है कि, अब सभी तरह के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को खत्म करके उन्हें ‘पीजी ब्रॉड स्पेशलिटी’ डिग्री कोर्स यानी MD और MS में बदल दिया जाएगा।
‘पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (PGMER) 2023’ के नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज अपनी डिप्लोमा सीटों को डिग्री सीटों में बदलने के लिए ‘मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड’ (MARB) को आवेदन भेज सकते हैं।
वर्तमान छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?
जिन छात्रों ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र में पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में एडमिशन ले लिया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी पढ़ाई सामान्य रूप से पूरी कराई जाएगी और उन्हें डिप्लोमा की मान्यता भी मिलेगी।
कब से लागू होगा नया नियम?
. सोमवार, 22 जून 2026 को NMC ने इस संबंध में देशभर के मेडिकल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के साथ बातचीत की है।
. कॉलेज प्रशासन को 19 जून को जारी नोटिस के नियमों को जल्द से जल्द लागू करने को कहा गया है।
. अगले सेशन यानी 2027-28 से पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में कोई नया एडमिशन नहीं लिया जाएगा। इसकी जगह केवल NEET-PG के जरिए MD और MS डिग्री कोर्सेस में ही दाखिले होंगे।
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युवाओं के लिए सुनहरा मौका; रेलवे में 11127 असिस्टेंट लोको पायलट पदों पर भर्ती जल्द
रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के 11,127 पदों पर भर्ती एक बड़ा अवसर है, जो युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका प्रदान करता है। यह भर्ती CEN No.01/2026 के तहत विभिन्न रेलवे जोनों में होगी।
महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और 14 जून 2026 रात 12 बजे तक चलेगी। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे। प्रयागराज जैसे क्षेत्रों में भी 600+ पद उपलब्ध हैं।
रिक्तियों का ब्रेकअप
सबसे अधिक पद ईस्ट कोस्ट रेलवे (1625) में हैं, उसके बाद साउथ ईस्टर्न रेलवे (1531) और सेंट्रल रेलवे (1400)। कुल 11,127 पद देशभर के रेलवे जोनों में भरे जाएंगे।
पात्रता और वेतन
चयनित उम्मीदवारों को प्रारंभिक मूल वेतन 19,900 रुपये मिलेगा (लेवल-2)। विस्तृत पात्रता जैसे उम्र सीमा और शैक्षणिक योग्यता आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखें। भर्ती प्रक्रिया में CBT, CBAT और दस्तावेज सत्यापन शामिल होंगे।
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क्या अब वर्क फ्रॉम होम से होगा सारा काम? पीएम मोदी ने की वर्क फ्रॉम होम की चर्चा
पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) को पूर्ण रूप से अनिवार्य नहीं किया, बल्कि मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईंधन बचत के लिए कंपनियों से इसे दोबारा अपनाने की अपील की है। यह सलाह वैश्विक आर्थिक दबाव और पेट्रोल-डीजल की बचत पर केंद्रित है।
पीएम मोदी की अपील
10 मई 2026 को हैदराबाद जनसभा में पीएम ने कोविड काल के WFH मॉडल को याद करते हुए कहा कि जहां संभव हो, कंपनियां और कर्मचारी घर से काम करें, ऑनलाइन मीटिंग लें। इससे वाहनों का दबाव कम होगा और तेल आयात पर खर्च बचेगा।
मौजूदा नीतियां
नए लेबर कोड्स 2026 में WFH को IT, सर्विस सेक्टरों में कानूनी मान्यता मिली है, हाइब्रिड मॉडल को बढ़ावा। SEZ में 50% कर्मचारियों को 1 साल तक WFH की अनुमति। फैसला कंपनी-कर्मचारी सहमति पर निर्भर।
चर्चा के कारण
मिडिल ईस्ट तनाव से ईंधन महंगा होने पर अपील वायरल हो गई, लेकिन कोई नया बाध्यकारी नियम नहीं। पहले भी पीएम ने फ्लेक्सिबल वर्किंग को भविष्य बताया था।
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