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करियर गाइडेंस

पत्रकार और शिक्षाविद् अंकित पांडेय को डॉक्टरेट की उपाधि

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-देश के जाने माने पत्रकार मीडिया गुरु प्रो डॉ. केजी सुरेश के व्यक्तित्व और कृतित्व का लिया विशेष उदाहरण

-फील्ड अनुभव, यूनिसेफ सहयोग से मध्य प्रदेश में शोध, और मीडिया शिक्षा के नए द्वार

कानपुर/ फतेहपुर /नोएडा: देश के जाने-माने पत्रकार और शिक्षाविद् अंकित पांडेय को भोपाल स्थित LNCT यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया है। अपने शोधकार्य में उन्होंने शिक्षा एवं पत्रकारिता के बीच के महत्वपूर्ण संबंध को उजागर किया है, विशेषकर विश्वविद्यालय में मीडिया शिक्षा के अध्यापन में फील्ड अनुभव के महत्त्व को प्राथमिकता दी है। उन्होंने अपने शोध कार्य में देश के जाने वाले पत्रकार मीडिया गुरु, देश के सबसे बड़े मीडिया विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति इंडिया हैबिटेट सेंटर के निदेशक  प्रो डॉ. केजी सुरेश के व्यक्तित्व और कृतित्व का विशेष उदाहरण दिया है।

अंकित पांडेय ने अपने शोध में मीडिया शिक्षा, जनसंपर्क विभाग, फिल्म विभाग और सांस्कृतिक विभाग जैसे भारत सरकार के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए नए रास्ते खोलने का प्रयास किया है। 

फतेहपुर जिले के सठिगवा के रहने वाले अंकित पांडेय वर्तमान में माता-पिता, पत्नी और बच्चों के साथ कानपुर में निवास करते हैं। 

मीडिया क्षेत्र में समृद्ध फील्ड अनुभव-

अंकित पांडेय ने दूरदर्शन, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला, नवभारत टाइम्स और बीबीसी खबर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में बतौर फील्ड रिपोर्टर अपनी सेवाएं दी हैं। फील्ड रिपोर्टर के रूप में उनके अनुभवों ने उन्हें पत्रकारिता की बारीकियों और मीडिया जगत की गहराई को समझने में मदद दी, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके शोध कार्य में भी देखा जा सकता है। 

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यूनिसेफ के साथ मध्य प्रदेश में शोधकार्य-

अंकित पांडे ने यूनिसेफ के साथ मिलकर मध्य प्रदेश में सामाजिक और विकासात्मक विषयों पर शोध किया है, जिसमें क्षेत्रीय परिस्थितियों और बच्चों व युवाओं की समस्याओं पर गहन अध्ययन शामिल है। इस शोध ने उनके कार्य को व्यापक सामाजिक संदर्भ दिया है और मीडिया शिक्षा में सामाजिक जिम्मेदारी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला है। 

उन्होंने रानी अहिल्याबाई होलकर, विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया विषयों पर तथ्यात्मक शोध भी किया है और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में शोध सहायक के रूप में भी कार्यरत रहे हैं।  उन्होंने मोबाइल डाटा ट्रांसफर पर पेटेंट कर  छात्रों को एक नई दिशा दी है l

अंकित पांडेय का यह शोध पत्रकारिता एवं मीडिया शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संवर्धन है, जो आने वाले समय में शिक्षा और मीडिया के संगम को और सुदृढ़ करेगा। यह शोध युवा पत्रकारों और अकादमिक जगत दोनों के लिए प्रेरणास्रोत माना जा रहा है।

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युवाओं के लिए सुनहरा मौका; रेलवे में 11127 असिस्टेंट लोको पायलट पदों पर भर्ती जल्द​

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रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के 11,127 पदों पर भर्ती एक बड़ा अवसर है, जो युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका प्रदान करता है। यह भर्ती CEN No.01/2026 के तहत विभिन्न रेलवे जोनों में होगी।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और 14 जून 2026 रात 12 बजे तक चलेगी। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे। प्रयागराज जैसे क्षेत्रों में भी 600+ पद उपलब्ध हैं।

रिक्तियों का ब्रेकअप

सबसे अधिक पद ईस्ट कोस्ट रेलवे (1625) में हैं, उसके बाद साउथ ईस्टर्न रेलवे (1531) और सेंट्रल रेलवे (1400)। कुल 11,127 पद देशभर के रेलवे जोनों में भरे जाएंगे।

पात्रता और वेतन

चयनित उम्मीदवारों को प्रारंभिक मूल वेतन 19,900 रुपये मिलेगा (लेवल-2)। विस्तृत पात्रता जैसे उम्र सीमा और शैक्षणिक योग्यता आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखें। भर्ती प्रक्रिया में CBT, CBAT और दस्तावेज सत्यापन शामिल होंगे।

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करियर गाइडेंस

क्या अब वर्क फ्रॉम होम से होगा सारा काम? पीएम मोदी ने की वर्क फ्रॉम होम की चर्चा

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पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) को पूर्ण रूप से अनिवार्य नहीं किया, बल्कि मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईंधन बचत के लिए कंपनियों से इसे दोबारा अपनाने की अपील की है। यह सलाह वैश्विक आर्थिक दबाव और पेट्रोल-डीजल की बचत पर केंद्रित है।

पीएम मोदी की अपील

10 मई 2026 को हैदराबाद जनसभा में पीएम ने कोविड काल के WFH मॉडल को याद करते हुए कहा कि जहां संभव हो, कंपनियां और कर्मचारी घर से काम करें, ऑनलाइन मीटिंग लें। इससे वाहनों का दबाव कम होगा और तेल आयात पर खर्च बचेगा।

मौजूदा नीतियां

नए लेबर कोड्स 2026 में WFH को IT, सर्विस सेक्टरों में कानूनी मान्यता मिली है, हाइब्रिड मॉडल को बढ़ावा। SEZ में 50% कर्मचारियों को 1 साल तक WFH की अनुमति। फैसला कंपनी-कर्मचारी सहमति पर निर्भर।

चर्चा के कारण

मिडिल ईस्ट तनाव से ईंधन महंगा होने पर अपील वायरल हो गई, लेकिन कोई नया बाध्यकारी नियम नहीं। पहले भी पीएम ने फ्लेक्सिबल वर्किंग को भविष्य बताया था।

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करियर गाइडेंस

अमेरिका में इंटर्नशिप को लेकर क्या नियम है? समझ लें भारतीय छात्र

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अमेरिका में भारतीय छात्र मुख्य रूप से F-1 स्टूडेंट वीजा पर इंटर्नशिप कर सकते हैं, लेकिन अलग वर्क परमिट की जरूरत पड़ती है। नियम CPT, OPT या ऑन-कैंपस वर्क पर आधारित हैं।

F-1 वीजा नियम

F-1 वीजा धारक को इंटर्नशिप के लिए अतिरिक्त पेपरवर्क नहीं चाहिए अगर कोर्स से जुड़ी हो। पहले वर्ष ऑफ-कैंपस इंटर्नशिप प्रतिबंधित है; ऑन-कैंपस 20 घंटे/सप्ताह तक अनुमत।

CPT और OPT

  • CPT (Curricular Practical Training): कोर्स का हिस्सा होने पर (पहले वर्ष के बाद), अपडेटेड I-20 और वर्क अथॉराइजेशन (EAD) जरूरी। पेड/अनपेड दोनों।
  • OPT (Optional Practical Training): डिग्री के बाद 12 महीने (STEM में 24 महीने अतिरिक्त), EAD कार्ड के साथ।

J-1 वीजा विकल्प

ट्रेनी/इंटर्न के लिए J-1 वीजा लें, जो अलग इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए है। इसमें स्पॉन्सरशिप और इंग्लिश प्रूफ चाहिए।

महत्वपूर्ण शर्तें

प्रकारवर्क परमिटघंटे/सप्ताहअवधि
प्रकारवर्क परमिटघंटे/सप्ताहअवधि 
ऑन-कैंपसEAD20 (पूर्णकालिक ब्रेक में)सेमेस्टर भर 
CPTEAD + I-20पूर्णकालिककोर्स अवधि 
OPTEAD20 (पढ़ाई के दौरान)12-36 महीने 
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