विदेशी शिक्षा
ट्रंप प्रशासन की सख्त छात्र वीजा नीतियों के कारण अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट
ट्रंप प्रशासन की सख्त छात्र वीजा नीतियों के कारण अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में लगातार गिरावट आ रही है। खासकर चीन जैसे देशों में वीजा इंटरव्यू लंबित रहने के कारण कई छात्र अमेरिका की पढ़ाई छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप ब्रिटेन, हांगकांग, दुबई और अन्य एशियाई देशों में छात्रों की संख्या बढ़ रही है। ब्रिटेन में अंडरग्रेजुएट कोर्सेज के लिए अंतरराष्ट्रीय आवेदन में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, और हांगकांग की यूनिवर्सिटी भी अमेरिका से छात्रों के ट्रांसफर अनुरोधों को संभाल रही है। इस बदलाव से अमेरिका के उच्च शिक्षा संसाधनों और कॉलेजों को भी खतरा मंडरा रहा है क्योंकि छात्र संख्या घटने से बजट पर असर पड़ रहा है।
अमेरिका से निरस्त किए गए छात्रों की संख्या हजारों में है, जिनमें कई ऐसे छात्र भी हैं जिन्हें फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों या अन्य वजहों से वीजा वापस लिया गया है। ट्रंप प्रशासन की नजर में ऐसे छात्र अमेरिकी विश्वविद्यालयों की पढ़ाई के मकसद से हटकर विघटनकारी गतिविधियों के लिए आए हैं।
इसके विपरीत, ब्रिटेन में छात्र वीजा के लिए आवेदन में तेजी आई है। 2025 में ब्रिटेन में छात्र वीजा आवेदन अप्रैल के महीने में पिछले साल के मुकाबले 54% बढ़ गए हैं। ब्रिटेन सरकार ने छात्र वीजा शुल्क भी संशोधित किया है, जो लगभग £524 (करीब $710) है। ब्रिटेन के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों को वीजा प्रक्रिया जल्दी शुरू करने की सलाह दी जा रही है।
करियर गाइडेंस
अमेरिका में इंटर्नशिप को लेकर क्या नियम है? समझ लें भारतीय छात्र
अमेरिका में भारतीय छात्र मुख्य रूप से F-1 स्टूडेंट वीजा पर इंटर्नशिप कर सकते हैं, लेकिन अलग वर्क परमिट की जरूरत पड़ती है। नियम CPT, OPT या ऑन-कैंपस वर्क पर आधारित हैं।
F-1 वीजा नियम
F-1 वीजा धारक को इंटर्नशिप के लिए अतिरिक्त पेपरवर्क नहीं चाहिए अगर कोर्स से जुड़ी हो। पहले वर्ष ऑफ-कैंपस इंटर्नशिप प्रतिबंधित है; ऑन-कैंपस 20 घंटे/सप्ताह तक अनुमत।
CPT और OPT
- CPT (Curricular Practical Training): कोर्स का हिस्सा होने पर (पहले वर्ष के बाद), अपडेटेड I-20 और वर्क अथॉराइजेशन (EAD) जरूरी। पेड/अनपेड दोनों।
- OPT (Optional Practical Training): डिग्री के बाद 12 महीने (STEM में 24 महीने अतिरिक्त), EAD कार्ड के साथ।
J-1 वीजा विकल्प
ट्रेनी/इंटर्न के लिए J-1 वीजा लें, जो अलग इंटर्नशिप प्रोग्राम के लिए है। इसमें स्पॉन्सरशिप और इंग्लिश प्रूफ चाहिए।
महत्वपूर्ण शर्तें
| प्रकार | वर्क परमिट | घंटे/सप्ताह | अवधि | ||||
| प्रकार | वर्क परमिट | घंटे/सप्ताह | अवधि | ||||
| ऑन-कैंपस | EAD | 20 (पूर्णकालिक ब्रेक में) | सेमेस्टर भर | ||||
| CPT | EAD + I-20 | पूर्णकालिक | कोर्स अवधि | ||||
| OPT | EAD | 20 (पढ़ाई के दौरान) | 12-36 महीने | ||||
करियर गाइडेंस
जर्मनी में पढ़ने जा रहे भारतीय छात्र जानें, पार्ट-टाइम जॉब कैसे मिलेगी
जर्मनी में पढ़ने वाले भारतीय छात्र पार्ट‑टाइम जॉब से अपने खर्चे आसानी से कवर कर सकते हैं, लेकिन वीजा नियम, जर्मन भाषा और जगह‑सर्च दोनों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है।
1. पार्ट‑टाइम जॉब के नियम (छात्रों के लिए)
- जर्मन स्टूडेंट वीजा के तहत ज्यादातर छात्रों को हफ्ते में 120 फुल डे या 240 हाफ‑डे जॉब की इजाज़त है, यानी करीब 20 घंटे प्रति सप्ताह क्लास के दौरान।
- सेमेस्टर ब्रेक में आप फुल‑टाइम काम कर सकते हैं, लेकिन कुल लिमिट इन्हीं 120/240 दिनों के अंदर रखना होता है ताकि वीजा परेशानी न हो।
2. आम पार्ट‑टाइम जॉब के ऑप्शन
इन जॉब्स पर ज्यादातर भारतीय स्टूडेंट्स काम करते हैं:
- कैफे, रेस्तरां, बेकरी, फास्ट‑फूड चेन में वेटर / कैशियर
- सुपरमार्केट, रिटेल शॉप में बिलिंग, स्टॉकिंग
- डिलीवरी (फूड, ऑनलाइन शॉपिंग), ट्यूशन टीचर (गणित, कंप्यूटर, भारतीय भाषाएं)
- यूनिवर्सिटी में रिसर्च असिस्टेंट, लैब असिस्टेंट या इंटरनशिप टाइप वर्क।
3. कहां ढूंढें जॉब ऑनलाइन?
ये प्लेटफॉर्म जर्मनी में पार्ट‑टाइम जॉब के लिए बहुत इस्तेमाल होते हैं:
- Stepstone.de, Indeed.de, Stellenanzeigen.de – बड़े जॉब पोर्टल, यहां “Minijob” या “Teilzeit” फिल्टर रखें।
- LinkedIn, Facebook Groups (जैसे “Jobs in Berlin / Munich / Frankfurt for students”) – लोकल ऑफर जल्दी मिलते हैं।
- Campus‑specific पोर्टल और यूनिवर्सिटी करियर सेंटर – अक्सर ऑन‑कैंपस जॉब और रेस्तरां/कैंटीन में वेकेंसी निकलती हैं
4. चाहिए क्या बेसिक चीजें?
- जर्मनी आने से पहले थोड़ा‑बहुत जर्मन सीख लें – रेस्तरां, सुपरमार्केट या डिलीवरी जॉब के लिए जर्मन बहुत फायदेमंद है, हालांकि आईटी/कैंपस जॉब में अंग्रेजी भी चल सकती है।
- आवश्यक दस्तावेज: पासपोर्ट, वीज़ा, रजिस्ट्रेशन (Anmeldung), बैंक अकाउंट, थोड़ा अनुभव वाला रिज्यूमे (CV in German/English)।
5. भारतीय छात्रों के लिए अच्छा है या नहीं?
- जर्मनी में अभी भी स्किल्ड वर्कर की कमी है, इसलिए छात्रों के लिए वीज़ा + जॉब दोनों का ऑप्शन अच्छा है, खासकर इंजीनियरिंग, IT और हेल्थकेयर में।
इनोवेशन और स्टार्टअप
भारत-EU के बीच हुई FTA डील से यूरोप में भारतीयों के लिए नौकरी और पढ़ाई होगी आसान
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 27 जनवरी 2026 को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर हुए, जो भारतीयों के लिए यूरोप में नौकरी और पढ़ाई के रास्ते खोलेगा।
यह डील 18 साल की लंबी वार्ता के बाद हुई, जिसमें व्यापार, सेवाओं और लोगों की आवाजाही को बढ़ावा दिया गया।
नौकरी और पढ़ाई पर असर
FTA से IT, सर्विस सेक्टर और अन्य प्रोफेशनल्स के लिए वीजा प्रक्रिया आसान होगी, जिससे लाखों भारतीयों को EU देशों (जैसे जर्मनी, फ्रांस) में काम के अवसर मिलेंगे।
शिक्षा क्षेत्र में स्टूडेंट वीजा और स्किल्ड वर्कर मोबिलिटी बढ़ेगी, खासकर MSMEs और लेबर-इंटेंसिव सेक्टर्स में।
निर्यात दोगुना होने से रोजगार सृजन होगा, लेकिन तुर्की जैसे देशों के सामान पर पाबंदी रहेगी।
आर्थिक फायदे
भारत को EU के 97% टैरिफ लाइंस में एक्सेस मिलेगा, जबकि EU को भारत के 92% बाजार में।
ऑटो सेक्टर में इंपोर्ट ड्यूटी 110% से घटकर 10% होगी (2.5 लाख यूनिट कोटा), लेकिन EVs को 5 साल छूट।
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