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नीति और योजनाएं

दिल्ली का नया प्राइवेट स्कूल फीस बिल, प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी की मनमानी पर लगाम

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दिल्ली का नया प्राइवेट स्कूल फीस बिल (दिल्ली स्कूल शिक्षा (शुल्क निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) विधेयक, 2025) प्राइवेट स्कूलों में फीस बढ़ोतरी की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए लाया गया है। इससे अभिभावकों और छात्रों पर बढ़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने की कोशिश की गई है। केन्द्रीय बदलाव निम्नलिखित हैं:

  1. तीन साल में एक बार ही फीस बढ़ सकेगी:
    अब कोई भी प्राइवेट स्कूल हर साल मनमर्जी से फीस नहीं बढ़ा पाएगा। नए नियम के अनुसार, स्कूल सिर्फ तीन साल में एक बार ही फीस संशोधित कर सकते हैं।
  2. पारदर्शी फीस तय करने की प्रक्रिया:
    हर स्कूल में “फीस रेगुलेशन कमेटी” बनेगी, जिसमें स्कूल के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग का अफसर और लॉटरी से चुने गए पाँच अभिभावकों (जिसमें कम से कम दो महिलाएं और एक कमजोर वर्ग के व्यक्ति की भागीदारी होगी) को शामिल किया जाएगा। यह कमेटी तीन साल की फीस तय करेगी, जिसे स्कूल की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर सार्वजनिक करना अनिवार्य है।
  3. पेरेंट्स को सुनवाई का अधिकार:
    अगर कोई पेरेंट्स को फीस बढ़ोतरी अनावश्यक लगती है, तो कम-से-कम 15% अभिभावकों को मिलकर आपत्ति दर्ज करनी होगी। उनकी शिकायत पहले स्कूल लेवल कमेटी, फिर ज़िला स्तरीय अपीलीय कमेटी और अंत में राज्य स्तरीय रिवीजन कमेटी तक जा सकती है।
  4. पूरा फाइनेंशियल रिकॉर्ड सार्वजनिक करना जरूरी:
    कोई भी प्राइवेट स्कूल अपनी आमदनी और खर्चों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों को भी जानकारी मिल सके।
  5. नियम तोड़ने पर सजा और जुर्माना:
    अगर स्कूल नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो लाखों रुपये का जुर्माना और मान्यता रद्द तक की कार्रवाई का प्रावधान है।
  6. किताब-यूनिफॉर्म की अनिवार्यता खत्म:
    शिक्षा विभाग के अनुसार, महंगी किताबें या यूनिफ़ॉर्म खरीदने का दबाव स्कूल नहीं डाल सकते।
  7. फीस की अवधि:
    स्कूलों को आगामी तीन वर्षों की फीस 31 जुलाई तक सार्वजनिक करनी होगी।

सीधी भाषा में कहें तो इस बिल के बाद दिल्ली के लाखों अभिभावकों पर हर साल अचानक बढ़ने वाली फीस का बोझ कम होगा, और स्कूलों में पारदर्शिता व जवाबदेही आएगी।

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करियर गाइडेंस

क्या अब वर्क फ्रॉम होम से होगा सारा काम? पीएम मोदी ने की वर्क फ्रॉम होम की चर्चा

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पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) को पूर्ण रूप से अनिवार्य नहीं किया, बल्कि मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईंधन बचत के लिए कंपनियों से इसे दोबारा अपनाने की अपील की है। यह सलाह वैश्विक आर्थिक दबाव और पेट्रोल-डीजल की बचत पर केंद्रित है।

पीएम मोदी की अपील

10 मई 2026 को हैदराबाद जनसभा में पीएम ने कोविड काल के WFH मॉडल को याद करते हुए कहा कि जहां संभव हो, कंपनियां और कर्मचारी घर से काम करें, ऑनलाइन मीटिंग लें। इससे वाहनों का दबाव कम होगा और तेल आयात पर खर्च बचेगा।

मौजूदा नीतियां

नए लेबर कोड्स 2026 में WFH को IT, सर्विस सेक्टरों में कानूनी मान्यता मिली है, हाइब्रिड मॉडल को बढ़ावा। SEZ में 50% कर्मचारियों को 1 साल तक WFH की अनुमति। फैसला कंपनी-कर्मचारी सहमति पर निर्भर।

चर्चा के कारण

मिडिल ईस्ट तनाव से ईंधन महंगा होने पर अपील वायरल हो गई, लेकिन कोई नया बाध्यकारी नियम नहीं। पहले भी पीएम ने फ्लेक्सिबल वर्किंग को भविष्य बताया था।

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नीति और योजनाएं

 यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की, इस संस्थान में दाखिला न लें

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यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है, खासकर राजस्थान के अलवर में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को फर्जी घोषित किया गया है। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता जरूर जांचें, क्योंकि इनसे मिली डिग्रियां नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अमान्य होंगी।

फर्जी संस्थान की जानकारी

राजस्थान के अलवर स्थित यह संस्थान यूजीसी अधिनियम की धारा 2(f) और 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है। फरवरी 2026 में भी इस पर नोटिस जारी हो चुका था, और अब मार्च 2026 में दोबारा चेतावनी दी गई है।

अन्य फर्जी विश्वविद्यालय

देशभर में 32 से अधिक फर्जी विश्वविद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली में सबसे ज्यादा (12), यूपी में 4, और महाराष्ट्र में नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ शामिल है। कर्नाटक, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में भी नए फर्जी संस्थान सामने आए हैं।

जांच कैसे करें

  • यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची देखें।
  • दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता की पुष्टि करें, ताकि समय, पैसा और करियर बर्बाद न हो।
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करियर गाइडेंस

NTPC में Artisan Trainee पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन का तरीका

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एनटीपीसी ने आर्टिसन ट्रेनी (Artisan Trainee) पदों पर भर्ती शुरू की है, जिसमें कुल 27 रिक्तियां हैं। आवेदन 16 मार्च 2026 से खुले हैं और 11 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

योग्यता

  • शैक्षिक योग्यता: मैट्रिक (10वीं) पास और संबंधित ट्रेड में आईटीआई।
  • ट्रेड्स: फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक/इलेक्ट्रॉनिक्स, मटेरियल स्टोर कीपर।
  • आयु सीमा: 18-40 वर्ष।
  • लोकेशन: मुख्य रूप से NTPC कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन।

आवेदन प्रक्रिया

  • आधिकारिक वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाएं।
  • ‘Careers’ सेक्शन में Artisan Trainee लिंक चुनें, रजिस्टर करें और फॉर्म भरें।
  • कोई आवेदन शुल्क नहीं; दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।​

चयन प्रक्रिया

चयन लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के आधार पर होगा, जो जून 2026 में संभावित है। आधिकारिक अधिसूचना डाउनलोड कर विस्तृत जानकारी लें।

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