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करियर गाइडेंस

विदेश में फ्री में पढ़ें! ये देश देते हैं फुल स्कॉलरशिप

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विदेश में बिना ट्यूशन फीस और रहने-खाने का खर्च उठाए पढ़ाई करना संभव है, क्योंकि कई देश और उनकी यूनिवर्सिटीज विदेशी छात्रों को फुल स्कॉलरशिप देती हैं। ये स्कॉलरशिप आमतौर पर ट्यूशन फीस, रहने-खाने का खर्च, हवाई टिकट, और अन्य जरूरी खर्चों को कवर करती हैं।

ऐसे प्रमुख देश जहां विदेश में पढ़ाई फ्री या फुली फंडेड स्कॉलरशिप के साथ उपलब्ध है, उनमें शामिल हैं:

  • जर्मनी: सरकारी विश्वविद्यालयों में ट्यूशन फीस नहीं लगती। DAAD स्कॉलरशिप के जरिए ट्यूशन फीस के साथ रहने, खाने, ट्रैवल, और इंश्योरेंस के खर्च भी कवर होते हैं। यहाँ STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स) कोर्सेज में खास अवसर हैं।
  • नॉर्वे: पब्लिक यूनिवर्सिटीज में ट्यूशन फीस नहीं है। विदेशी छात्रों को केवल सेमेस्टर शुल्क देना पड़ता है। हालांकि, अधिकांश अंडरग्रेजुएट कोर्स नॉर्वेजियन भाषा में होते हैं, पर मास्टर्स और पीएचडी अंग्रेजी में उपलब्ध हैं।
  • फिनलैंड, स्वीडन, ऑस्ट्रिया: इन देशों में भी कई स्कॉलरशिप उपलब्ध हैं, कुछ कोर्सेज फ्री होते हैं या कम फीस लगती है। पीएचडी स्तर पर विशेष रूप से वे पूरी तरह फ्री होती हैं।
  • दक्षिण कोरिया: ‘ग्लोबल कोरिया स्कॉलरशिप’ भारतीय छात्रों के लिए फुल स्कॉलरशिप देती है, जिसमें ट्यूशन फीस, रहने-खाने, हवाई टिकट, और सेटलमेंट अलाउंस शामिल हैं।
  • अमेरिकी फुलब्राइट छात्रवृत्ति: अमेरिका में भी फुलब्राइट प्रोग्राम के तहत 160 से अधिक देशों के छात्रों को फुली फंडेड स्कॉलरशिप मिलती है।

यहां की फुल स्कॉलरशिप आपको ट्यूशन फीस, रहने-खाने, यात्रा, बीमा जैसे खर्चों से पूरी तरह मुक्त कर देती है और विदेश में पढ़ाई का भार बेहद कम कर देती हैं। बस आपको उपयुक्त स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना होगा और शैक्षणिक योग्यता व पात्रता पूरी करनी होगी.

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मेडिकल एजुकेशन में बड़ा बदलाव, बंद होंगे PG डिप्लोमा कोर्स!

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Major overhaul in medical education: PG diploma courses to be discontinued!

भारत में मेडिकल की पढ़ाई को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब देश के मेडिकल कॉलेजों में चलने वाले पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की क्वालिटी को सुधारना और डॉक्टरों की विशेषज्ञता का स्तर ऊंचा करना है।

 क्यों लिया गया यह फैसला?

1. क्वालिटी में सुधार- पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अनुसार, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पढ़ाई के मानकों को बेहतर बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

2. संसाधनों का सही इस्तेमाल- कई मेडिकल कॉलेजों के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन मौजूद हैं, फिर भी वे सिर्फ डिप्लोमा कोर्स करवा रहे हैं। अब इन संसाधनों का उपयोग डिग्री कोर्सेस के लिए किया जाएगा।

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3. सीटों का फायदा- एक ही स्पेशलिटी में डिप्लोमा और MD/MS दोनों कोर्स चलने की परेशानी खत्म होगी, जिससे  PG सीटों की क्षमता का पूरा लाभ मिलेगा।

MD और MS डिग्री में बदलेंगे सभी कोर्स

NMC ने साफ कहा है कि, अब सभी तरह के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को खत्म करके उन्हें ‘पीजी ब्रॉड स्पेशलिटी’ डिग्री कोर्स यानी MD और MS में बदल दिया जाएगा।

‘पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (PGMER) 2023’ के नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज अपनी डिप्लोमा सीटों को डिग्री सीटों में बदलने के लिए ‘मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड’ (MARB) को आवेदन भेज सकते हैं।

वर्तमान छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?

 जिन छात्रों ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र में पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में एडमिशन ले लिया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी पढ़ाई सामान्य रूप से पूरी कराई जाएगी और उन्हें डिप्लोमा की मान्यता भी मिलेगी।

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 कब से लागू होगा नया नियम?

. सोमवार, 22 जून 2026 को NMC ने इस संबंध में देशभर के मेडिकल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के साथ बातचीत की है।

कॉलेज प्रशासन को 19 जून को जारी नोटिस के नियमों को जल्द से जल्द लागू करने को कहा गया है।

. अगले सेशन यानी 2027-28 से पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में कोई नया एडमिशन नहीं लिया जाएगा। इसकी जगह केवल NEET-PG के जरिए MD और MS डिग्री कोर्सेस में ही दाखिले होंगे।

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युवाओं के लिए सुनहरा मौका; रेलवे में 11127 असिस्टेंट लोको पायलट पदों पर भर्ती जल्द​

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रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) के 11,127 पदों पर भर्ती एक बड़ा अवसर है, जो युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका प्रदान करता है। यह भर्ती CEN No.01/2026 के तहत विभिन्न रेलवे जोनों में होगी।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और 14 जून 2026 रात 12 बजे तक चलेगी। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे। प्रयागराज जैसे क्षेत्रों में भी 600+ पद उपलब्ध हैं।

रिक्तियों का ब्रेकअप

सबसे अधिक पद ईस्ट कोस्ट रेलवे (1625) में हैं, उसके बाद साउथ ईस्टर्न रेलवे (1531) और सेंट्रल रेलवे (1400)। कुल 11,127 पद देशभर के रेलवे जोनों में भरे जाएंगे।

पात्रता और वेतन

चयनित उम्मीदवारों को प्रारंभिक मूल वेतन 19,900 रुपये मिलेगा (लेवल-2)। विस्तृत पात्रता जैसे उम्र सीमा और शैक्षणिक योग्यता आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखें। भर्ती प्रक्रिया में CBT, CBAT और दस्तावेज सत्यापन शामिल होंगे।

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क्या अब वर्क फ्रॉम होम से होगा सारा काम? पीएम मोदी ने की वर्क फ्रॉम होम की चर्चा

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पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) को पूर्ण रूप से अनिवार्य नहीं किया, बल्कि मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईंधन बचत के लिए कंपनियों से इसे दोबारा अपनाने की अपील की है। यह सलाह वैश्विक आर्थिक दबाव और पेट्रोल-डीजल की बचत पर केंद्रित है।

पीएम मोदी की अपील

10 मई 2026 को हैदराबाद जनसभा में पीएम ने कोविड काल के WFH मॉडल को याद करते हुए कहा कि जहां संभव हो, कंपनियां और कर्मचारी घर से काम करें, ऑनलाइन मीटिंग लें। इससे वाहनों का दबाव कम होगा और तेल आयात पर खर्च बचेगा।

मौजूदा नीतियां

नए लेबर कोड्स 2026 में WFH को IT, सर्विस सेक्टरों में कानूनी मान्यता मिली है, हाइब्रिड मॉडल को बढ़ावा। SEZ में 50% कर्मचारियों को 1 साल तक WFH की अनुमति। फैसला कंपनी-कर्मचारी सहमति पर निर्भर।

चर्चा के कारण

मिडिल ईस्ट तनाव से ईंधन महंगा होने पर अपील वायरल हो गई, लेकिन कोई नया बाध्यकारी नियम नहीं। पहले भी पीएम ने फ्लेक्सिबल वर्किंग को भविष्य बताया था।

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