ब्रेकिंग न्यूज़
एनएसयूआई ने एमसीयू महापरिषद अध्यक्ष सीएम डॉ.मोहन यादव से किए 10 सवाल, कार्यक्रम खर्च पर भी उठाए प्रश्न
1. दो साल बाद विश्वविद्यालय परिसर पहुंचेंगे सीएम, एनएसयूआई बोली- विश्वविद्यालय के मुद्दे अनसुलझे
2. बिसनखेड़ी परिसर का पजेशन न लेने पर भ्रष्टाचार के सवाल
3. अवैध नियुक्तियों और फर्जी दस्तावेज़ों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
4. एएसआई विभाग में लगातार भ्रष्टाचार के आरोप, पुनर्गठन अटका
5. प्रवेश संख्या घटी तो विश्वविद्यालय का भविष्य क्या होगा?
6. कुलसचिव और रैक्टर की नियुक्तियां वर्षों से लंबित
7. दतिया और खंडवा स्थित क्षेत्रीय परिसरों की बदहाल स्थिति पर भी सवाल
8. कुमार विश्वास को बुलाने पर विवाद—‘बच्चों की फीस से लाखों रुपये खर्च’
9. एनएसयूआई ने पूछा- सरकार से फंड नहीं मिलता तो विवि कैसे चलेगा?
10. प्रतिमा अनावरण समारोह से पहले सवालों के घेरे में विश्वविद्यालय प्रशासन
भोपाल।
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू/एससीयू) को लेकर एनएसयूआई ने मुख्यमंत्री एवं विश्वविद्यालय महापरिषद अध्यक्ष डॉ.मोहन यादव से दस बड़े सवाल खड़े किए हैं। 20 अगस्त को सीएम डॉ.मोहन यादव बिसनखेड़ी परिसर में दादा माखनलाल की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसी मौके को देखते हुए छात्र संगठन ने प्रशासन और सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव को विश्वविद्यालय पहुंचने में दो साल क्यों लग गए। परिसर को बिसनखेड़ी स्थानांतरित हुए तीन साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक पजेशन न लेना क्या भ्रष्टाचार का नतीजा है?
संगठन ने विश्वविद्यालय में चल रहे तथाकथित ईडब्ल्यू केस को भी दबाने का आरोप लगाया। वहीं, जबलपुर हाईकोर्ट द्वारा अवैध मानी गई नियुक्तियों पवित्र श्रीवास्तव और संजय द्विवेदी पर अब तक कार्रवाई न होने पर प्रश्न उठाए ।

यूनिवर्सिटी के एएसआई विभाग से लगातार भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आने के बावजूद इसे कुलसचिव विभाग में मर्ज करने पर कोई विचार न करना भी प्रमुख सवालों में शामिल है।
एनएसयूआई ने कहा कि इस साल प्रवेश संख्या इतिहास में सबसे कम रही है, ऐसे में विश्वविद्यालय का भविष्य संकट में है, लेकिन प्रशासन और सरकार चुप्पी साधे हुए हैं। कुलसचिव और रैक्टर जैसी अहम नियुक्तियां लंबे वक्त से खाली हैं, जबकि दतिया और खंडवा स्थित क्षेत्रीय परिसर बदहाल स्थिति में पड़े हुए हैं।

सबसे बड़ा विवाद मुख्यमंत्री के आगमन वाले कार्यक्रम को लेकर खड़ा हो गया है। संगठन ने आरोप लगाया कि कवि कुमार विश्वास को बुलाने के लिए बच्चों की फीस से लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय को सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती। ऐसे में प्रवेश संख्या लगातार कम होने पर वित्तीय संकट और गहरा सकता है।
एनएसयूआई ने सवाल किया कि “जब विवि का भविष्य ही अंधेरे में है तो बच्चों की फीस से ऐसे भव्य कार्यक्रम कराने की क्या मजबूरी है?”
करियर गाइडेंस
IIT दिल्ली में निकली डायरेक्टर की नौकरी, जानिए कितनी मिलेगी सैलरी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के निदेशक (Director) पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पद पर चयनित उम्मीदवार को 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह का निश्चित वेतन मिलेगा, जो भत्तों के अलावा है।
पद और वेतन विवरण
विवरण जानकारी पद का नाम निदेशक (Director), IIT दिल्ली संगठन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली मासिक वेतन ₹2,25,000 (निश्चित) + लागू भत्ते नियुक्ति अवधि 5 वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक (जो भी पहले हो) आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 आधिकारिक वेबसाइट dohe.education.gov.in
पात्रता मानदंड
इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताएं पूरी करनी होंगी:
- शैक्षिक योग्यता: पीएचडी डिग्री अनिवार्य है। पिछली डिग्री में प्रथम श्रेणी या इसके समकक्ष ग्रेड होना चाहिए।
- प्राथमिकता: इंजीनियरिंग या प्रौद्योगिकी पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। विज्ञान, गणित या प्रबंधन पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों को भी अपवाद मामलों में विचार किया जा सकता है।
- शिक्षण अनुभव: किसी प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग/प्रौद्योगिकी संस्थान या विश्वविद्यालय में प्रोफेसर के रूप में कम से कम 10 वर्ष का शिक्षण अनुभव।
- प्रशासनिक अनुभव: कम से कम 5 वर्ष का प्रशासनिक अनुभव और पीएचडी छात्रों के मार्गदर्शन का अनुभव अनिवार्य है।
- आयु सीमा: आवेदन की अंतिम तिथि तक उम्मीदवार की आयु 60 वर्ष से कम होनी चाहिए (प्राथमिकता)।
कैसे करें आवेदन?
- शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट dohe.education.gov.in पर जाएं।
- IIT Delhi Director Recruitment 2026 का आधिकारिक विज्ञापन और आवेदन प्रारूप डाउनलोड करें।
- निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरें और सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें।
- आवेदन और दस्तावेज 31 अक्टूबर 2026 तक पंजीकृत डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय को भेजें।
नोट: ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है। आवेदन केवल डाक के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
जिम्मेदारियां
IIT दिल्ली के निदेशक संस्थान के शैक्षणिक और प्रशासनिक प्रमुख के रूप में कार्य करेंगे। उन्हें संस्थान का नेतृत्व करने, शोध और शिक्षण मानकों को बनाए रखने, और संस्थान के समग्र विकास की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
वर्तमान IIT दिल्ली निदेशक के बारे में: वर्तमान निदेशक की कार्य अवधि समाप्त होने या अन्य कारणों से यह पद रिक्त हुआ है। नए निदेशक का चयन एक खोज समिति (Search Committee) की सिफारिश के आधार पर किया जाएगा।
अधिक जानकारी के लिए शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट dohe.education.gov.in देखें।
करियर गाइडेंस
IGNOU में नॉन टीचिंग पदों पर भर्ती, जानिए आवेदन करने का तरीका
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) ने नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना विज्ञापन संख्या 69/2026/Admn. जारी की है। इस भर्ती के तहत कुल 14 पद भरे जाएंगे, जिनमें असिस्टेंट डायरेक्टर, टेक्निकल मैनेजर और टेक्निकल असिस्टेंट शामिल हैं।
पद और वेतन विवरण
पद कुल वैकेंसी वेतन मैट्रिक्स (7वें वेतन आयोग) आयु सीमा असिस्टेंट डायरेक्टर 02 ₹15,600–₹39,100 (लेवल-10) 48 वर्ष टेक्निकल मैनेजर 04 ₹15,600–₹39,100 (लेवल-10) 42 वर्ष टेक्निकल असिस्टेंट 08 ₹9,300–₹34,800 (लेवल-06) 35 वर्ष
तकनीकी क्षेत्र (टेक्निकल असिस्टेंट के लिए)
टेक्निकल असिस्टेंट के पद निम्नलिखित तकनीकी डोमेन में भरे जाएंगे:
- लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS)
- नेटवर्किंग
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- एनिमेशन
- गेम डिजाइन
- वर्चुअल रिएलिटी/ऑगमेंटेड रिएलिटी (VR/AR)
महत्वपूर्ण तिथियां
- ऑनलाइन आवेदन शुरू: 3 अक्टूबर 2026
- आवेदन की अंतिम तिथि: 2 नवंबर 2026 (रात 12 बजे तक)
- हार्ड कॉपी/दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि: 12 नवंबर 2026
कैसे करें आवेदन?
- IGNOU की आधिकारिक वेबसाइट www.ignou.ac.in पर जाएं।
- Announcements/Recruitment सेक्शन में विज्ञापन संख्या 69/2026/Admn. खोलें।
- ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।
- आवेदन शुल्क (यदि लागू हो) का भुगतान करें और फॉर्म जमा करें।
- आवेदन की प्रिंट कॉपी और सभी आवश्यक दस्तावेज 12 नवंबर 2026 तक निर्धारित पते पर भेजें।
चयन प्रक्रिया
चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा, कौशल परीक्षण (जहां लागू हो) और साक्षात्कार शामिल हो सकते हैं। तकनीकी पदों के लिए संबंधित डोमेन में व्यावहारिक कौशल का मूल्यांकन किया जाएगा।
अधिक जानकारी और आधिकारिक नोटिफिकेशन के लिए IGNOU की वेबसाइट www.ignou.ac.in देखें।
एग्जाम
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों के बाद अपनी सुरक्षा व्यवस्था में किए बड़े बदलाव
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में सामने आई गड़बड़ियों के बाद अपनी सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। एजेंसी ने अपना मुख्यालय दिल्ली के मिंटो रोड स्थित नए परिसर में शिफ्ट कर दिया है और अब इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के पास होगी।
मुख्य बदलाव
1. ऑफिस शिफ्ट और नया परिसर
- NTA ने अपने संवेदनशील और गोपनीय कामकाज को दिल्ली के मिंटो रोड पर स्थित गवर्नमेंट ऑफ इंडिया प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया है।
- नया परिसर करीब 55,000 वर्ग फीट में फैला हुआ है, जहां परीक्षा से जुड़े गोपनीय कामकाज को अलग-अलग जोन में व्यवस्थित किया गया है।
2. CISF की तैनाती
- गृह मंत्रालय के आदेश के बाद NTA के नए मुख्यालय में 39 CISF जवान तैनात किए गए हैं।
- CISF जवानों की जिम्मेदारी होगी:
- प्रवेश और निकास बिंदुओं पर निगरानी
- एक्सेस कंट्रोल और स्क्रीनिंग
- X-ray बैगेज स्क्रीनिंग और डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) से जांच
- गोपनीय क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों की आवाजाही पर कड़ी नजर
3. संरचनात्मक और प्रशासनिक सुधार
- NTA ने अपने ढांचे में फंक्शनल वर्टिकल बनाए हैं, जहां काम और विशेषज्ञता के आधार पर अलग-अलग डोमेन स्पेसिफिक टीमें काम करेंगी।
- परीक्षा सुरक्षा के लिए नए प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- प्रश्न पत्र तैयार करने से लेकर अनुवाद, छपाई, पैकिंग और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने तक हर चरण की निगरानी
- आधार आधारित बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक
- मोबाइल जैमर, CCTV निगरानी और AI आधारित तकनीकी टूल्स
4. नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव
- NTA ने कर्मचारी नियुक्तियों में भी बदलाव किए हैं, ताकि डोमेन स्पेसिफिक विशेषज्ञता विकसित की जा सके।
- इसका मकसद एजेंसी के अलग-अलग कामकाजी क्षेत्रों में पेशेवराना दक्षता बढ़ाना और भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।
क्यों जरूरी थे ये बदलाव?
ये सभी कदम 2026 में हुई नीट-UG पेपर लीक और उससे जुड़े विवादों के बाद उठाए गए हैं, जिसके बाद तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस्तीफा दे दिया था। सरकार और NTA का मानना है कि CISF की तैनाती और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था से भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
-
रिजल्ट1 year agoयूपी बोर्ड 10th, 12th कंपार्टमेंट रिजल्ट जारी, डायरेक्ट लिंक व चेक करने का तरीका
-
नीति और योजनाएं12 months agoअब तीसरी कक्षा से शुरू होगी AI की पढ़ाई, 2026-27 शैक्षणिक सत्र से इसे देशभर के स्कूलों में लागू करने की तैयारी
-
Uncategorized1 year agoजानिए भारत में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आवश्यक डिग्री और नियम
-
करियर गाइडेंस1 year agoपत्रकार और शिक्षाविद् अंकित पांडेय को डॉक्टरेट की उपाधि
-
एग्जाम12 months agoयूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की डेटशीट जारी, देखें टाइम टेबल
-
शिक्षक और रिसर्च1 year agoडॉ. अंकित पांडेय ने प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश के व्यक्तित्व और कृतित्व पर किया पीएचडी
-
Uncategorized1 year agoप्रो. (डॉ.) के. जी. सुरेश – व्यक्तित्व नहीं, प्रेरणा का जीवंत स्रोत
-
स्कॉलरशिप1 year agoउत्तर प्रदेश प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप 2025-26: सभी वर्गों के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू,
