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MP में 3 साल से छप्पर के नीचे चल रहा स्कूल, ऐसे पढ़ते हैं बच्चे
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के एक गांव में पिछले तीन साल से एक सरकारी प्राथमिक स्कूल छप्पर (thatched roof) के नीचे चल रहा है। यहां के बच्चों को मजबूरी में इसी अस्थायी झोपड़ी में पढ़ाई करनी पड़ रही है, क्योंकि स्कूल भवन का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है।
कैसी है स्कूल की स्थिति?
- स्कूल में दर्जनों बच्चे एक छोटी सी झोपड़ी में बैठकर पढ़ाई करते हैं।
- बैठने के लिए कुछ बच्चों को फर्श पर ही जगह मिलती है, जबकि बाकी एक हरे रंग की दरी पर बैठते हैं।
- बारिश या तेज़ धूप में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो जाती है, कई बार उन्हें स्कूल छोड़ना भी पड़ता है।
- गर्मी और बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे बच्चों की उपस्थिति पर असर पड़ता है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
- स्थानीय अधिकारियों को इस समस्या के बारे में कई बार सूचित किया गया है।
- ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल भवन के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन उच्च अधिकारियों की मंजूरी का इंतजार है।
- जब तक नया भवन नहीं बनता, बच्चों को इसी अस्थायी छप्पर के नीचे पढ़ाई करनी होगी।
बच्चों और शिक्षकों की चुनौतियाँ
- असुविधाजनक माहौल में पढ़ाई करना, बारिश में पानी टपकना और गर्मी में छांव की कमी।
- पर्याप्त जगह न होने के कारण बच्चों को एक-दूसरे से सटकर बैठना पड़ता है।
- सुविधाओं के अभाव में कई बच्चे स्कूल आना बंद कर देते हैं।
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नोएडा लोक मंच (NLM ) इस साल करवाएगा चौथा ड्राइंग कॉम्पिटीशन
नोएडा लोक मंच (NLM) की “चौथी इन्द्रधनुष चित्रकला प्रतियोगिता 2025”, जिसमें इस साल 3,000 से ज्यादा बच्चे भाग लेने वाले हैं।
क्या है यह कॉम्पिटीशन
- यह नोएडा लोक मंच द्वारा आयोजित चौथी इन्द्रधनुष चित्रकला प्रतियोगिता है, जो पिछले तीन साल से लगातार हो रही है और नोएडा की सबसे बड़ी व समावेशी आर्ट प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है।
- इस बार 120 से अधिक स्कूलों से 3000 से ज्यादा बच्चे इसमें हिस्सा लेंगे।
कौन‑कौन भाग ले सकता है
- प्रतियोगिता में निजी और सरकारी स्कूलों के बच्चे, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, स्लम क्षेत्र के बच्चे और घरेलू सहायिकाओं के बच्चे सभी को शामिल किया जाता है।
- इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विविध पृष्ठभूमि के बच्चों को एक साथ मंच देना और कला के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी बढ़ाना है।
कब और कहां होगी
- चौथी इन्द्रधनुष 2025 प्रतियोगिता 29 नवंबर को आयोजित होगी।
- स्थान: सेक्टर 33A, नोएडा हाट के पास स्थित शिवालिक चिल्ड्रन पार्क, जहां कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू होगा।
पुरस्कार और प्रोत्साहन
- हर 30 बच्चों में कम से कम 1 बच्चे को पुरस्कार देने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को प्रोत्साहन मिल सके।
- कुल लगभग 300 पुरस्कार अलग‑अलग समूहों और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले बच्चों को दिए जाएंगे।
खबर का मतलब आपके वाक्य से
आपके लिखे वाक्य “NLM इस साल करवाएगा चौथा ड्राइंग कॉम्पिटीशन, 3 हजार से ज्यादा बच्चे लेंगे हिस्सा” का सीधा संदर्भ यही है कि नोएडा लोक मंच इस साल चौथी इन्द्रधनुष ड्राइंग/चित्रकला प्रतियोगिता करा रहा है, जिसमें 3000+ बच्चों की भागीदारी तय है और इसका आयोजन 29 नवंबर 2025 को नोएडा में होगा।
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मुकुंद आगीवाल ने सीए फाइनल में मारी बाजी, आइए जानते हैं सफलता की कहानी
मुकुंद आगीवाल, जो मध्य प्रदेश के धार जिले के छोटे से कस्बे धामनोद के रहने वाले हैं, ने सितंबर 2025 के ICAI CA फाइनल परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर देशभर में नाम रोशन किया है। उन्होंने कुल 600 में से 500 अंक (83.33%) प्राप्त किए, जो एक अद्भुत प्रदर्शन माना जाता है। मुकुंद का परिवार साधारण है; उनके पिता पवन आगीवाल एक छोटी सी स्टेशनरी की दुकान चलाते हैं और उनकी मां गृहिणी हैं।
मुकुंद ने 10वीं क्लास में ही ठाना था कि वे CA बनेंगे, और उनके पिता का भी यही सपना था। घर की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। महामारी के दौरान उन्होंने घर से ही पढ़ाई की, बाद में इंदौर और पुणे में कोचिंग लेकर अध्ययन किया। मुकुंद का कहना है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता, बस ईमानदारी और मेहनत करनी होती है, साथ ही खुद पर विश्वास जरूरी है।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और आत्मविश्वास को दिया है। मुकुंद के इस संघर्ष और सफलता की कहानी छोटे शहरों के छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, यह दिखाती है कि समर्पण और मेहनत से कोई भी बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। मुकुंद ने आगे एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करने और बाद में अपने कस्बे में व्यापार शुरू करने की योजना बनाई है। उनकी कहानी सीमित संसाधनों के बावजूद उत्कृष्टता प्राप्ति का उदाहरण है.
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पतंजलि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह, राष्ट्रपति मुर्मू ने छात्रों को दी उपाधियां
पतंजलि विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह 2 नवंबर 2025 को हरिद्वार में आयोजित हुआ, जिसमें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और 1424 छात्रों को उपाधियां प्रदान कीं। इस मौके पर योगगुरु स्वामी रामदेव ने विश्वविद्यालय के छात्रों को जॉब क्रिएटर बताया, यानी वे सिर्फ नौकरी खोजने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनने की प्रेरणा रखते हैं।
समारोह की मुख्य बातें
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह में स्नातक, परास्नातक, पीएचडी और डी.लिट उपाधियां बांटी।
- 54 मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक दिए गए, जिनमें 64% पुरस्कार छात्राओं को मिले।
- राष्ट्रपति मुर्मू ने बेटियों के योगदान की सराहना की और कहा कि अगर महिलाएं पीछे रहीं तो विकसित भारत का सपना अधूरा रहेगा।
- योगगुरु रामदेव ने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय का उद्देश्य सिर्फ डिग्री देना नहीं, देश में नैतिक और आत्मनिर्भर नागरिकों का निर्माण करना है।
- कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को सफलतापूर्वक लागू कर रहा है और NAAC से ‘ए ग्रेड’ प्राप्त है।
प्रेरणादायी संदेश
- राष्ट्रपति मुर्मू और स्वामी रामदेव दोनों ने छात्र-छात्राओं को समाज के लिए सकारात्मक बदलाव लाने, योग-आध्यात्म और विज्ञान के साथ जीवन में उन्नति करने का संदेश दिया।
- उन्होंने कहा कि पतंजलि विश्वविद्यालय अपने वैदिक और आधुनिक शिक्षा के समन्वय से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है।
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