Connect with us

नीति और योजनाएं

हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स के लिए IIT पास करना हुआ आसान, पूरे देश में लागू होगा आईआईटी जोधपुर का लैंग्वेज मॉडल

Published

on

image source credit by google

अब हिंदी मीडियम के स्टूडेंट्स के लिए IIT पास करना आसान हो गया है, क्योंकि IIT जोधपुर ने एक नया लैंग्वेज मॉडल शुरू किया है जिसे पूरे देश के सभी IITs में लागू करने की तैयारी है.

क्या है IIT जोधपुर का लैंग्वेज मॉडल?

  • इस मॉडल के तहत फर्स्ट ईयर के छात्रों को हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में इंजीनियरिंग की पढ़ाई का विकल्प मिलता है.
  • छात्र अपनी पसंद की भाषा (हिंदी या अंग्रेज़ी) चुनकर उसी सेक्शन में जुड़ सकते हैं; दोनों सेक्शन को समान प्रोफेसर पढ़ाएंगे ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में कोई अंतर न रहे.
  • पढ़ाई के लिए नोट्स, असाइनमेंट और क्लासरूम इंटरएक्शन भी हिंदी में मिलेंगे, जिससे गैर-अंग्रेज़ी बैकग्राउंड के छात्रों की समझ और आत्मविश्वास बढ़ेगा.

कब और कैसे लागू होगा?

  • यह मॉडल IIT जोधपुर में सफल रहा है और अब अन्य 23 IITs में भी इसे लागू करने की योजना Education Ministry ने बनाई है.
  • हर क्षेत्र के छात्रों को उनकी स्थानीय भाषा में पढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा (जैसे मुंबई में मराठी, कोलकाता में बांग्ला आदि), लेकिन हिंदी बेल्ट के IITs में प्रमुख रूप से हिंदी माध्यम पर फोकस रहेगा.

अतिरिक्त सपोर्ट और फायदे

  • अंग्रेज़ी सुधारने के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज भी चलेंगी, जिससे छात्र बाद में चाहें तो अंग्रेज़ी सेक्शन में भी शिफ्ट कर सकते हैं.
  • स्टूडेंट्स को अब भाषाई बाधा के कारण पीछे नहीं रहना पड़ेगा; आंकड़े भी दिखाते हैं कि हिंदी सेक्शन के छात्रों के ग्रेड में सुधार आया है.
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के अनुरूप यह कदम भारत के तकनीकी शिक्षा को और अधिक समावेशी (inclusive) बनाएगा.

निष्कर्ष:
IIT जोधपुर की इस पहल से हिंदी मीडियम छात्रों के लिए तकनीकी शिक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा सरल और सुलभ हो गई है, और जल्द ही इसका लाभ देशभर के अन्य IITs के छात्र भी उठा सकेंगे.

Continue Reading
Advertisement Rajju Bhaiya Sainik Vidya Mandir
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

करियर गाइडेंस

क्या अब वर्क फ्रॉम होम से होगा सारा काम? पीएम मोदी ने की वर्क फ्रॉम होम की चर्चा

Published

on

पीएम मोदी ने वर्क फ्रॉम होम (WFH) को पूर्ण रूप से अनिवार्य नहीं किया, बल्कि मिडिल ईस्ट संकट के बीच ईंधन बचत के लिए कंपनियों से इसे दोबारा अपनाने की अपील की है। यह सलाह वैश्विक आर्थिक दबाव और पेट्रोल-डीजल की बचत पर केंद्रित है।

पीएम मोदी की अपील

10 मई 2026 को हैदराबाद जनसभा में पीएम ने कोविड काल के WFH मॉडल को याद करते हुए कहा कि जहां संभव हो, कंपनियां और कर्मचारी घर से काम करें, ऑनलाइन मीटिंग लें। इससे वाहनों का दबाव कम होगा और तेल आयात पर खर्च बचेगा।

मौजूदा नीतियां

नए लेबर कोड्स 2026 में WFH को IT, सर्विस सेक्टरों में कानूनी मान्यता मिली है, हाइब्रिड मॉडल को बढ़ावा। SEZ में 50% कर्मचारियों को 1 साल तक WFH की अनुमति। फैसला कंपनी-कर्मचारी सहमति पर निर्भर।

चर्चा के कारण

मिडिल ईस्ट तनाव से ईंधन महंगा होने पर अपील वायरल हो गई, लेकिन कोई नया बाध्यकारी नियम नहीं। पहले भी पीएम ने फ्लेक्सिबल वर्किंग को भविष्य बताया था।

Continue Reading

नीति और योजनाएं

 यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की, इस संस्थान में दाखिला न लें

Published

on

यूजीसी ने हाल ही में फर्जी विश्वविद्यालयों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है, खासकर राजस्थान के अलवर में राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी को फर्जी घोषित किया गया है। छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता जरूर जांचें, क्योंकि इनसे मिली डिग्रियां नौकरी या आगे की पढ़ाई के लिए अमान्य होंगी।

फर्जी संस्थान की जानकारी

राजस्थान के अलवर स्थित यह संस्थान यूजीसी अधिनियम की धारा 2(f) और 3 के तहत मान्यता प्राप्त नहीं है। फरवरी 2026 में भी इस पर नोटिस जारी हो चुका था, और अब मार्च 2026 में दोबारा चेतावनी दी गई है।

अन्य फर्जी विश्वविद्यालय

देशभर में 32 से अधिक फर्जी विश्वविद्यालय चिह्नित किए गए हैं, जिनमें दिल्ली में सबसे ज्यादा (12), यूपी में 4, और महाराष्ट्र में नेशनल बैकवर्ड कृषि विद्यापीठ शामिल है। कर्नाटक, झारखंड और हरियाणा जैसे राज्यों में भी नए फर्जी संस्थान सामने आए हैं।

जांच कैसे करें

  • यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट (ugc.gov.in) पर फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची देखें।
  • दाखिला लेने से पहले संस्थान की मान्यता की पुष्टि करें, ताकि समय, पैसा और करियर बर्बाद न हो।
Continue Reading

करियर गाइडेंस

NTPC में Artisan Trainee पदों पर भर्ती शुरू, जानें आवेदन का तरीका

Published

on

एनटीपीसी ने आर्टिसन ट्रेनी (Artisan Trainee) पदों पर भर्ती शुरू की है, जिसमें कुल 27 रिक्तियां हैं। आवेदन 16 मार्च 2026 से खुले हैं और 11 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

योग्यता

  • शैक्षिक योग्यता: मैट्रिक (10वीं) पास और संबंधित ट्रेड में आईटीआई।
  • ट्रेड्स: फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक/इलेक्ट्रॉनिक्स, मटेरियल स्टोर कीपर।
  • आयु सीमा: 18-40 वर्ष।
  • लोकेशन: मुख्य रूप से NTPC कुडगी सुपर थर्मल पावर स्टेशन।

आवेदन प्रक्रिया

  • आधिकारिक वेबसाइट careers.ntpc.co.in पर जाएं।
  • ‘Careers’ सेक्शन में Artisan Trainee लिंक चुनें, रजिस्टर करें और फॉर्म भरें।
  • कोई आवेदन शुल्क नहीं; दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होंगे।​

चयन प्रक्रिया

चयन लिखित परीक्षा और स्किल टेस्ट के आधार पर होगा, जो जून 2026 में संभावित है। आधिकारिक अधिसूचना डाउनलोड कर विस्तृत जानकारी लें।

Continue Reading
Advertisement Rajju Bhaiya Sainik Vidya Mandir

Trending