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उत्तर प्रदेश में स्कूल चलो अभियान, सीएम ने कहा- हर बच्चे तक पहुंचे शिक्षा
उत्तर प्रदेश में स्कूल चलो अभियान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में जोर-शोर से लागू किया है, जिसका उद्देश्य है कि 6 से 14 वर्ष तक का हर बच्चा स्कूल में दाखिला पाए और उसकी उपस्थिति सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और अभियान को पूरी मजबूती से जमीनी स्तर तक लागू किया जाए।
इस अभियान के तहत:
- घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन किया जा रहा है, जिसमें शिक्षक, विद्यालय प्रबंध समिति और मां समूह के सदस्य सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
- प्रत्येक जिले को इस अभियान के लिए 2 लाख रुपये का बजट दिया गया है, जिससे बच्चों के नामांकन और शिक्षा सामग्री वितरण में सहायता मिल सके।
- जिन स्कूलों में छात्र संख्या 50 से कम है, उन्हें बड़े स्कूलों से जोड़ा जाएगा ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सके और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिले।
- परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खाते में यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, स्टेशनरी और किताबों के लिए ₹1200 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है।
- बच्चों को स्कूल आने पर रोली-चंदन लगाकर स्वागत किया जाता है, मिड-डे मील में खीर, हलवा आदि परोसे जाते हैं, जिससे बच्चों का उत्साह बढ़ाया जा रहा है।
- इस बार पहली बार गर्मी की छुट्टियों में समर कैंप भी आयोजित किए गए हैं, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।
- अभियान के प्रभाव से कई जिलों में बच्चों के नामांकन में वृद्धि हुई है, जैसे बुलंदशहर में 25 हजार से अधिक बच्चों का प्रवेश हो चुका है।
- मुख्यमंत्री ने स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात को आदर्श स्थिति में लाने के लिए शिक्षकों की भर्ती भी तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा है कि स्कूलों के विलय के बाद खाली पड़े भवनों में प्री-प्राइमरी स्कूल या बाल वाटिकाएं शुरू की जाएं और आंगनबाड़ी केंद्रों को भी स्कूल परिसरों में स्थानांतरित किया जाए ताकि प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत आधार मिले।
इस प्रकार, उत्तर प्रदेश में स्कूल चलो अभियान के माध्यम से शिक्षा की पहुंच को हर बच्चे तक सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिसमें नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
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मेडिकल एजुकेशन में बड़ा बदलाव, बंद होंगे PG डिप्लोमा कोर्स!
भारत में मेडिकल की पढ़ाई को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब देश के मेडिकल कॉलेजों में चलने वाले पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की क्वालिटी को सुधारना और डॉक्टरों की विशेषज्ञता का स्तर ऊंचा करना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
1. क्वालिटी में सुधार- पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अनुसार, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पढ़ाई के मानकों को बेहतर बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
2. संसाधनों का सही इस्तेमाल- कई मेडिकल कॉलेजों के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन मौजूद हैं, फिर भी वे सिर्फ डिप्लोमा कोर्स करवा रहे हैं। अब इन संसाधनों का उपयोग डिग्री कोर्सेस के लिए किया जाएगा।
3. सीटों का फायदा- एक ही स्पेशलिटी में डिप्लोमा और MD/MS दोनों कोर्स चलने की परेशानी खत्म होगी, जिससे PG सीटों की क्षमता का पूरा लाभ मिलेगा।
MD और MS डिग्री में बदलेंगे सभी कोर्स
NMC ने साफ कहा है कि, अब सभी तरह के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को खत्म करके उन्हें ‘पीजी ब्रॉड स्पेशलिटी’ डिग्री कोर्स यानी MD और MS में बदल दिया जाएगा।
‘पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (PGMER) 2023’ के नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज अपनी डिप्लोमा सीटों को डिग्री सीटों में बदलने के लिए ‘मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड’ (MARB) को आवेदन भेज सकते हैं।
वर्तमान छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?
जिन छात्रों ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र में पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में एडमिशन ले लिया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी पढ़ाई सामान्य रूप से पूरी कराई जाएगी और उन्हें डिप्लोमा की मान्यता भी मिलेगी।
कब से लागू होगा नया नियम?
. सोमवार, 22 जून 2026 को NMC ने इस संबंध में देशभर के मेडिकल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के साथ बातचीत की है।
. कॉलेज प्रशासन को 19 जून को जारी नोटिस के नियमों को जल्द से जल्द लागू करने को कहा गया है।
. अगले सेशन यानी 2027-28 से पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में कोई नया एडमिशन नहीं लिया जाएगा। इसकी जगह केवल NEET-PG के जरिए MD और MS डिग्री कोर्सेस में ही दाखिले होंगे।
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने जारी किया पीएचडी एडमिशन शेड्यूल,जानिए कब सेशुरू होंगे आवेदन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी एडमिशन का शेड्यूल जारी किया है, जिसमें आवेदन आज 11 मई 2026 से शुरू हो रहे हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां
- ऑनलाइन आवेदन शुरू: 11 मई 2026 से।
- आवेदन की अंतिम तिथि: 8 जून 2026।
- फॉर्म सुधार विंडो: 9-10 जून 2026।
- एडमिट कार्ड जारी: 14 जून 2026।
- प्रवेश परीक्षा: 20-21 जून 2026।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन केवल ऑनलाइन मोड से admission.jmi.ac.in पर करें। पोर्टल पर Ph.D. Admissions 2026-27 सेक्शन में रजिस्टर करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क जमा करें।
योग्यता और शुल्क
मास्टर डिग्री धारक पात्र हैं (विस्तृत मानदंड नोटिफिकेशन में देखें)। आवेदन शुल्क लगभग ₹2000 है, जो पिछले सत्रों के आधार पर अपेक्षित है।
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जामिया में 30 नए कोर्स शुरू और फीस में बड़ी राहत से छात्रों को फायदा
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia, JMI) ने 2026‑27 के शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों के लिए एक बड़ा “सुनहरा मौका” दिया है, जिसमें 30 नए कोर्स/प्रोग्राम शुरू किए गए हैं और इसी के साथ फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई है, यानी यह वाकई में छात्रों के लिए राहत वाला निर्णय माना जा रहा है।
30 नए कोर्स किस‑किस तरह के?
- नए कोर्स अलग‑अलग लेवल (UG, PG, डिप्लोमा) और फील्ड में हैं, जैसे:
- भाषा और ह्यूमन रिसोर्स: BA (Hons) जापानी, जर्मन, उज़्बेक भाषा और बीए (ऑनर्स) ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (HRM) जैसे प्रोग्राम।
- इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी: बीटेक रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बीटेक सिविल (निर्माण प्रौद्योगिकी) और शहरों में सुविधा के लिए शाम की क्लासेज वाला बीई सिविल इंजीनियरिंग (ईवनिंग, सेल्फ‑फाइनेंस विकल्प)।
- साइंस और सोशल स्टडीज: एमएससी बायोसाइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी, बायोफिजिक्स, एमए सोशल वर्क, एमए HRM, एमए सोशियोलॉजी आदि।
फीस में क्या राहत मिली?
- विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि 2026‑27 सत्र के लिए किसी भी कोर्स की फीस में वृद्धि नहीं की गई है, यानी पिछले साल वाली फीस दरें ही लागू रहेंगी; यह चाहे वह नया कोर्स हो या पुराना।
- यह तय फीस (स्केल) छात्रों के लिए योजना बनाने में आसानी करती है और उन्हें “महंगी फीस” के डर के बजाय नए और नए फील्ड में एडमिशन लेने में मदद करती है।
एडमिशन और आवेदन की तारीखें
- जामिया ने 2026‑27 के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है और विश्वविद्यालय का ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल admission.jmi.ac.in पर रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरना जारी है।
- कई नए UG/PG/डिप्लोमा कोर्स के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तय की गई है; देर न करते हुए जल्दी से अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन किया जा सकता है।
खास बातें: NEP 2020 और मल्टीपल एंट्री
- विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) में मल्टीपल एंट्री‑एग्जिट मोड शुरू किया है, जिससे छात्र अलग‑अलग समय पर एंट्री ले सकते हैं।
- नए कोर्स स्किल‑बेस्ड और इंडस्ट्री‑रिलेटेड (जैसे AI, डिजिटल मीडिया, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, HRM, जापानी/जर्मन भाषा आदि) हैं, जिससे एडमिशन लेने वाले छात्रों के करियर के ऑप्शन बढ़ रहे हैं।
अगर चाहें तो आप अपना क्या खत्म किया? (12th, ग्रेजुएशन) और किस फील्ड में दिलचस्पी है (Science/Arts/Commerce/Engineering/Management) लिख दें, तो बता सकता हूँ कि जामिया के 30 नए कोर्स में से आपके लिए कौन‑से 3–4 प्रोग्राम सबसे फिट रहेंगे और उनके लिए तैयारी कैसे करें।
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