एडमिशन
PHD के एडमिशन पर सरकार करने जा रही बड़ा बदलाव
पीएचडी (PhD) में एडमिशन के नियमों में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब देशभर की यूनिवर्सिटीज़ में पीएचडी में दाखिला लेने के लिए अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं की जगह केवल UGC-NET (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट) के स्कोर के आधार पर एडमिशन मिलेगा।
- पहले हर विश्वविद्यालय अपनी अलग प्रवेश परीक्षा लेता था, जिससे छात्रों को कई परीक्षाएं देनी पड़ती थीं। अब UGC-NET स्कोर को वैध मानने से यह प्रक्रिया एक समान और सरल हो जाएगी।
- UGC-NET परीक्षा साल में दो बार (जून और दिसंबर) आयोजित होती है, जिससे छात्रों को साल में दो बार पीएचडी में प्रवेश का मौका मिलेगा।
- एडमिशन प्रक्रिया में इंटरव्यू भी शामिल रहेगा: अब 70% वेटेज NET स्कोर को और 30% वेटेज संबंधित संस्थान द्वारा आयोजित इंटरव्यू को मिलेगा।
- तीन कैटेगरी में चयन होगा:
- NET के साथ JRF (Junior Research Fellowship) और असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए चयन
- NET बिना JRF के असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए चयन
- केवल पीएचडी प्रोग्राम में एडमिशन
“UGC ने पीएचडी कोर्स में प्रवेश के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. इसके तहत अब यूनिवर्सिटीज को पीएचडी में प्रवेश के लिए अलग से एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करने की जरूरत नहीं होगी बल्कि एक ही परीक्षा (नेट) के माध्यम से उन्हें एडमिशन मिला करेगा…”
कुछ विश्वविद्यालयों ने अपनी प्रवेश प्रक्रिया में भी बदलाव किए हैं। उदाहरण के लिए, बीएचयू (BHU) ने अब हर सीट पर 10 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाने का नियम बनाया है, जिससे अधिक लोगों को मौका मिलेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
नए नियमों के मुख्य फायदे:
- छात्रों को बार-बार अलग-अलग परीक्षाएं देने की जरूरत नहीं होगी
- एडमिशन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और केंद्रीकृत होगी
- साल में दो बार मौका मिलेगा
- मेरिट और इंटरव्यू के आधार पर चयन होगा
एडमिशन
मेडिकल एजुकेशन में बड़ा बदलाव, बंद होंगे PG डिप्लोमा कोर्स!
भारत में मेडिकल की पढ़ाई को लेकर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। अब देश के मेडिकल कॉलेजों में चलने वाले पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य मेडिकल शिक्षा की क्वालिटी को सुधारना और डॉक्टरों की विशेषज्ञता का स्तर ऊंचा करना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
1. क्वालिटी में सुधार- पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अनुसार, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पढ़ाई के मानकों को बेहतर बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
2. संसाधनों का सही इस्तेमाल- कई मेडिकल कॉलेजों के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर और संसाधन मौजूद हैं, फिर भी वे सिर्फ डिप्लोमा कोर्स करवा रहे हैं। अब इन संसाधनों का उपयोग डिग्री कोर्सेस के लिए किया जाएगा।
3. सीटों का फायदा- एक ही स्पेशलिटी में डिप्लोमा और MD/MS दोनों कोर्स चलने की परेशानी खत्म होगी, जिससे PG सीटों की क्षमता का पूरा लाभ मिलेगा।
MD और MS डिग्री में बदलेंगे सभी कोर्स
NMC ने साफ कहा है कि, अब सभी तरह के पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा कोर्सेस को खत्म करके उन्हें ‘पीजी ब्रॉड स्पेशलिटी’ डिग्री कोर्स यानी MD और MS में बदल दिया जाएगा।
‘पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन रेगुलेशंस (PGMER) 2023’ के नियमों के तहत मेडिकल कॉलेज अपनी डिप्लोमा सीटों को डिग्री सीटों में बदलने के लिए ‘मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड’ (MARB) को आवेदन भेज सकते हैं।
वर्तमान छात्रों पर क्या पड़ेगा असर?
जिन छात्रों ने मौजूदा शैक्षणिक सत्र में पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में एडमिशन ले लिया है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। उनकी पढ़ाई सामान्य रूप से पूरी कराई जाएगी और उन्हें डिप्लोमा की मान्यता भी मिलेगी।
कब से लागू होगा नया नियम?
. सोमवार, 22 जून 2026 को NMC ने इस संबंध में देशभर के मेडिकल कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज के साथ बातचीत की है।
. कॉलेज प्रशासन को 19 जून को जारी नोटिस के नियमों को जल्द से जल्द लागू करने को कहा गया है।
. अगले सेशन यानी 2027-28 से पीजी डिप्लोमा कोर्सेस में कोई नया एडमिशन नहीं लिया जाएगा। इसकी जगह केवल NEET-PG के जरिए MD और MS डिग्री कोर्सेस में ही दाखिले होंगे।
एडमिशन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने जारी किया पीएचडी एडमिशन शेड्यूल,जानिए कब सेशुरू होंगे आवेदन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी एडमिशन का शेड्यूल जारी किया है, जिसमें आवेदन आज 11 मई 2026 से शुरू हो रहे हैं।
महत्वपूर्ण तिथियां
- ऑनलाइन आवेदन शुरू: 11 मई 2026 से।
- आवेदन की अंतिम तिथि: 8 जून 2026।
- फॉर्म सुधार विंडो: 9-10 जून 2026।
- एडमिट कार्ड जारी: 14 जून 2026।
- प्रवेश परीक्षा: 20-21 जून 2026।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन केवल ऑनलाइन मोड से admission.jmi.ac.in पर करें। पोर्टल पर Ph.D. Admissions 2026-27 सेक्शन में रजिस्टर करें, फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें और शुल्क जमा करें।
योग्यता और शुल्क
मास्टर डिग्री धारक पात्र हैं (विस्तृत मानदंड नोटिफिकेशन में देखें)। आवेदन शुल्क लगभग ₹2000 है, जो पिछले सत्रों के आधार पर अपेक्षित है।
एडमिशन
जामिया में 30 नए कोर्स शुरू और फीस में बड़ी राहत से छात्रों को फायदा
जामिया मिल्लिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia, JMI) ने 2026‑27 के शैक्षणिक सत्र के लिए छात्रों के लिए एक बड़ा “सुनहरा मौका” दिया है, जिसमें 30 नए कोर्स/प्रोग्राम शुरू किए गए हैं और इसी के साथ फीस में बढ़ोतरी नहीं की गई है, यानी यह वाकई में छात्रों के लिए राहत वाला निर्णय माना जा रहा है।
30 नए कोर्स किस‑किस तरह के?
- नए कोर्स अलग‑अलग लेवल (UG, PG, डिप्लोमा) और फील्ड में हैं, जैसे:
- भाषा और ह्यूमन रिसोर्स: BA (Hons) जापानी, जर्मन, उज़्बेक भाषा और बीए (ऑनर्स) ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट (HRM) जैसे प्रोग्राम।
- इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी: बीटेक रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बीटेक सिविल (निर्माण प्रौद्योगिकी) और शहरों में सुविधा के लिए शाम की क्लासेज वाला बीई सिविल इंजीनियरिंग (ईवनिंग, सेल्फ‑फाइनेंस विकल्प)।
- साइंस और सोशल स्टडीज: एमएससी बायोसाइंसेज, बायोटेक्नोलॉजी, बॉटनी, बायोफिजिक्स, एमए सोशल वर्क, एमए HRM, एमए सोशियोलॉजी आदि।
फीस में क्या राहत मिली?
- विश्वविद्यालय ने घोषणा की है कि 2026‑27 सत्र के लिए किसी भी कोर्स की फीस में वृद्धि नहीं की गई है, यानी पिछले साल वाली फीस दरें ही लागू रहेंगी; यह चाहे वह नया कोर्स हो या पुराना।
- यह तय फीस (स्केल) छात्रों के लिए योजना बनाने में आसानी करती है और उन्हें “महंगी फीस” के डर के बजाय नए और नए फील्ड में एडमिशन लेने में मदद करती है।
एडमिशन और आवेदन की तारीखें
- जामिया ने 2026‑27 के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है और विश्वविद्यालय का ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल admission.jmi.ac.in पर रजिस्ट्रेशन और फॉर्म भरना जारी है।
- कई नए UG/PG/डिप्लोमा कोर्स के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तय की गई है; देर न करते हुए जल्दी से अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन किया जा सकता है।
खास बातें: NEP 2020 और मल्टीपल एंट्री
- विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) में मल्टीपल एंट्री‑एग्जिट मोड शुरू किया है, जिससे छात्र अलग‑अलग समय पर एंट्री ले सकते हैं।
- नए कोर्स स्किल‑बेस्ड और इंडस्ट्री‑रिलेटेड (जैसे AI, डिजिटल मीडिया, डेटा साइंस, रोबोटिक्स, HRM, जापानी/जर्मन भाषा आदि) हैं, जिससे एडमिशन लेने वाले छात्रों के करियर के ऑप्शन बढ़ रहे हैं।
अगर चाहें तो आप अपना क्या खत्म किया? (12th, ग्रेजुएशन) और किस फील्ड में दिलचस्पी है (Science/Arts/Commerce/Engineering/Management) लिख दें, तो बता सकता हूँ कि जामिया के 30 नए कोर्स में से आपके लिए कौन‑से 3–4 प्रोग्राम सबसे फिट रहेंगे और उनके लिए तैयारी कैसे करें।
-
नीति और योजनाएं9 months agoअब तीसरी कक्षा से शुरू होगी AI की पढ़ाई, 2026-27 शैक्षणिक सत्र से इसे देशभर के स्कूलों में लागू करने की तैयारी
-
रिजल्ट12 months agoयूपी बोर्ड 10th, 12th कंपार्टमेंट रिजल्ट जारी, डायरेक्ट लिंक व चेक करने का तरीका
-
Uncategorized12 months agoजानिए भारत में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए आवश्यक डिग्री और नियम
-
करियर गाइडेंस1 year agoपत्रकार और शिक्षाविद् अंकित पांडेय को डॉक्टरेट की उपाधि
-
शिक्षक और रिसर्च1 year agoडॉ. अंकित पांडेय ने प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश के व्यक्तित्व और कृतित्व पर किया पीएचडी
-
Uncategorized10 months agoप्रो. (डॉ.) के. जी. सुरेश – व्यक्तित्व नहीं, प्रेरणा का जीवंत स्रोत
-
एग्जाम9 months agoयूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षाओं की डेटशीट जारी, देखें टाइम टेबल
-
ब्रेकिंग न्यूज़11 months agoमहोबा की सीमा पटनाहा सिंह बनीं भारतीय तीरंदाजी संघ की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की अध्यक्ष
